मुझे सेक्स करना है

अहमदनगर जिल्ह्यातील तालुके

अहमदनगर जिल्ह्यातील तालुके, भाभी ने अचानक मेरे लण्ड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी। मेरा पूरा लण्ड मुंह में घुसा लिया। मैं एकदम से उत्तेजित हो गया। मैंने कहा बस अभी ही आया हूँ... और सोचा कि आज रेनू को कुछ मजा कराया जाये। सच बताओ, क्या मजा नहीं आ रहा हैं? मुझे पता है तुम जाग रही थी और मजे ले रही थी। वरना तुम्हारे नीचे से चिकना-चिकना सा नहीं निकलता।

चेतन- जान तू दो मिनट रुक.. मैं सरसों का तेल थोड़ा गर्म कर के लाता हूँ.. उसकी मालिश से तेरा सारा दर्द निकल जाएगा। कुच्छ पल तक हम दोनो यूँ ही खामोश बैठे रहे. उस एक पल में यूँ करीब होकर बैठ ने से हमने पहली बार दोस्ती से आगे कदम उठाया था इसलिए शायद झिझक रहे थे के अब क्या कहें?

इस बात को 3 साल गुज़र चुके थे. हम दोनो के कॉलेज बदल गये और मिलना जुलना बहुत कम हो गया. कुच्छ दिन पहले उसने मुझे फोन किया था के वो और उसकी फॅमिली एक दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं और वो मेरे साथ कुच्छ वक़्त गुज़ारना चाहती है. हम दोनो शहर के एक बड़े से पार्क में बैठे थे. अहमदनगर जिल्ह्यातील तालुके मैने मंजू की ओर देखा वैसे मैं मरवाने को तैयार था रघू के उस मतवाले लंड के फिर से अपनी गुदा मे घुसने की कल्पना से ही मैं सिहर उठा था, रोमाच से और कुछ डर से बहुत दुखा था मुझे रघू का लेते हुए

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  1. हम दोनो जवान थे, आग फिर भड़कने लगी थी... बरसाती मौसम वासना बढ़ाने में मदद कर रहा था। लक्की बिस्तर पर बैठे बैठे ही मेरे पास सरक आया और मुझसे पीछे से चिपकने लगा। वहाँ उसका इठलाया हुआ सख्त लण्ड लहरा रहा था। उसने मेरी गाण्ड का निशाना लिया और मेरी गाण्ड पर लण्ड को दबाने लगा।
  2. पर मैं थोड़ा रुका और ये सोचा कि थोड़ी और तसल्ली कर ली जाए… कहीं यह बस मजाक न हो… और मेरी किसी हरकत का उल्टा असर न हो जाए। vidmate विद मेट डाउनलोड
  3. प्रिया- नहीं भाई.. चाभी मेरे पास है.. दरवाजा बन्द है.. वो कैसे अन्दर आ सकती है.. शायद घर वाला आ गया है.. उसके पास तो दूसरी चाभी होगी ना… चेतन- उहह उहह आहह.. तेरी चूत फट गई.. आहह.. है.. आह ओह इसे आ किसी दर्जी के पास सिलवा ले.. आहह.. आ हा हा हा।
  4. अहमदनगर जिल्ह्यातील तालुके...परंतु आश्चर्यजनक ढंग से दीदी कुतिया की तरह बनकर अपनी गांद उपर उठा दी ओर लॅपटॉप सामने रखकर चुदाई सीन देखने लगी ……. मैं हीना की चूत को चूमते हुए उसकी चूचियों को मसल कर बोला, हीना जानेमन, लगता है कि तेरी अम्मी भी तेरी तरह बहुत चुदक्कड़ है और अपनी चूत से बहुत लंडों का स्वाद चख चुकी है। क्या तेरी अम्मी ने तेरी ससुराल में अपनी गाँड नहीं मरवायी?
  5. डॉली ने ये बात बड़े सेक्सी अंदाज से अपने मम्मे को खुजाते हुए कही.. अब रिंकू का हौसला बहुत बढ़ गया था। चेतन- अरे मुठ मारें मेरे दुश्मन.. मैं तो आज उसकी चूत मारूँगा.. नहाने में समय इसलिए ज्यादा लग गया क्योंकि आज लौड़े की सफ़ाई कर रहा था.. यार आज रविवार है तो शाम तक तुम दोनों की चूत और गाण्ड को मज़े से चोदूँगा।

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उसके सुपारा तो चिकनाई से बहुत ही चिकना हो गया था। उसने मेरी गाण्ड के छेद पर सुपारा लगा दिया। मुझे उसका सुपारा महसूस हुआ फिर जरा से दबाव से वो अन्दर उतर गया।

रवि ने जल्दी से मम्मी को दबोच लिया- ...मुठ्ठ मारें आपके दुश्मन... मेरे रहते हुये आप पूरी चुद कर ही जायेंगी। श्... श... श्... चुप रहना... उसका लण्ड मेरे शरीर में कूल्हों के पास यहाँ-वहाँ गड़ने लगा। मुझे लगा कि बस अब तो चुद गई मैं।

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मीना चाची नशे में थी और कह रही थी, मादरचोद कभी तो मेरी चूत को ठंडा करा कर, बस भोंसड़ी वाले अपना लंड डाल कर अपने आप को ठंडा कर लेता है। आज मादरचोद अगर तूने मेरी चूत को ठंडा नहीं किया तो मैं बज़ार में रंडी बन कर चुदवाऊँगी।

नसरीन भाभी को ज्यादा देर यह गवारा नहीं हुआ। उन्होंने मुझ से कहा, अब सारा काम हमें ही करना होगा या ये आलसी भाई भी कुछ करेंगे?हाउसफुल ३ मूवी डाउनलोड

उस समय मैं और मम्मी उस घर में अकेले ही रह गये थे। बड़ा घर था। पापा की असामयिक मृत्यु के कारण मम्मी को उनकी जगह रेल्वे में नौकरी मिल गई थी। मम्मी की आवाज सुरीली थी सो उन्हें मुख्य स्टेशन पर अनांउन्सर का काम मिल गया था। मा मेरी ओर देखती रही तुझे रघू ने बताया शायद बदमाश कहीं का! मैं उसी दिन रात को समझ गयी थी उसने तेरा मूत पिया?

और फिर इसी के साथ ही रवि तेज़ी से धक्के लगाने लगा.उसके हर धक्के के साथ कविता की चूत की दीवारों को अधिक आनंद आने लगा था. चूत की दीवारों मे जितनी खुजली थी सब धीरे धीरे समाप्त होती जेया रही थी. अब खुजली की जगह गुदगुदी बढ़ती जा रही थी. इस समय दोनो के शरीर मे बहुत अधिक गुदगुदाहट फैल गयी थी.

करीब 10 बजे वहीं जहाँ कल उनकी मुलाकात हुई थी.. तीनों चाय का मज़ा ले रहे थे और साथ ही बातों का भी मज़ा ले रहे थे।,अहमदनगर जिल्ह्यातील तालुके एकाएक उसने मुझे पकड़ा और अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होठों को फिर से चूसने लगी और बोली- सारे मजे खुद ही लोगे क्या? मुझे मजे नहीं करने दोगे?

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