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मुझे बाकी के बर्थ का पता नहीं पर हाँ चंडीगढ़ से यही कोई 5 घटे बाद ट्रेन गाजियाबाद जंक्शन पर रुकी मैं अबतक सोया था । मेरे पास कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे उनमें से एक ने मुझे उठाया.... भाई साहब ।

दो-तीन बार उसने उसे अपने हाथ से उपर नीचे किया, जिसका सुपाडा अभी अच्छे से खुल भी नही पा रहा था…, शंकर की उत्तेजना अपनी चरम सीमा पर थी… हे भगवान ये क्या हो गया किस बात की सजा है कहीं यह नाराज तो नहीं , नहीं मुझे लगता हैं कुछ और ही बात बोल रही हैं पर मैं समझ नहीं पा रहा

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लाला उसके तर्क के आगे निरुत्तर हो गये, आज उन्हें अपनी पत्नी के कहने पर बरसों पहले की गयी अपनी ग़लती का एहसास हो रहा था,सेक्सी वीडियो में सेक्सी सेक्सी

बड़ी मालकिन तो वैसे भी किसी भी बहू के कुछ भी खाने पीने पर रोक नही लगती, तो फिर इन्होने ऐसा क्यों कहा…? माला वेशक नादान लडकी थी लेकिन इस वक्त वो इश्क से भरे मन की चाशनी में लिपटी जलेबी हुई जा रही थी बोली, तुम्हें मेरा नाम पता है? माला ने मानिक के मुंह की बात छीन ली थी. बोला, नही. मैंने तो आपको इस घर में छत पर पहली बार देखा था.

अँधा क्या चाहे – दो आँखें, ये बात फ़ौरन उन तीनो के भेजे में घुस गयी, और उसी शाम उन्होने रंगीली को लाला के यहाँ काम पर जाने के लिए राज़ी कर लिया…!

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