புண்டை நக்கும் கதைகள்

बड़ी बुर की चुदाई

बड़ी बुर की चुदाई, अरमान...कम इनवो खुश होते हुए इस कदर बोली ,जैसे उसे कब से मेरा इंतेज़ार हो.....उसकी उस हँसी ने मुझे अंदर से डरा दिया और मेरे कानो मे अरुण की आवाज़ गूंजने लगीसंभाल कर ,कही वो तेरा रेप ना कर दे.... अरे मुझे भी इसका आन्सर मालूम करना है, इनको नही बताना चाहते तो मत बताओ...पर मुझे तो बताओ...और उसके बाद विभा ने बड़ा सा प्लीज़ ! कहा....

मन तो मेरा यही करने का कर रहा है, लेकिन प्राब्लम ये है कि मेरे पास चाकू नही है,वरना खून तो कब का हो चुका होता... तुम्हारा दिमाग़ सही नही है,तुम बिल्कुल पागल हो,मैं जा रही हूँ यहाँ से..तुनक कर एसा वहाँ से उठी और जाने लगी...

कॉलेज मे पॉपुलर होने से मेरा मतलब था बदनामी से...क्यूंकी पिछले दो सालो मे मैने जो-जो कांड कॉलेज मे किए थे वैसा कांड सिर्फ़ एक निहायत ही बर्बाद लड़का कर सकता था. खैर मुझे मेरी बदनामी की कोई परवाह नही क्यूंकी कॅप्टन जॅक स्पेरो ने कहा है कि'यदि बदनाम होंगे तो क्या नाम ना होगा...' बड़ी बुर की चुदाई जैसे ही उसकी ज़ुबान मेरे सूपाडे को लगी एक मीठे झंझनाहट मेरे बदन में दौड़ गयी मानो सावन की रात आसमान में जैसे बिजली कौंध गयी हो

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  1. उसके बाद सारे रास्ते भर मैने अपना मुँह नही खोला क्यूंकी धीरे-धीरे मुझे ऐसा लगने लगा था कि मेरे दिमाग़ पर इस समय शनि और मंगल कुंडली मार कर बैठे हुए है...इसीलिए मैं जो कुच्छ भी सोचता हूँ,जो कुच्छ भी करता हूँ...वो सब उल्टा मुझे ही आकर लगता है.....
  2. एश...दिल पे मत लेना लेकिन अभी फिलहाल तुम यहाँ से पतली गली पकड़ लो..मतलब कि यहाँ से चली जाओ...क्यूंकी मेरा 1400 ग्राम के दिमाग़ मे ऑलरेडी 1400 किलो का लोड है... आज का कल्याण का रिजल्ट
  3. अरमान ,लंच के बाद क्लास बंक करके मूवी देखने चलेंगे...चलती क्लास के बीच मे अरुण ने एक कागज पर ये लिखा और मेरी तरफ कागज का टुकड़ा सरकाया.... मैने नवीन की बाइक चौक से कुछ दूरी पर ही रोक दी, जिसका कारण थी एश...वो बीसी गौतम की कार उसी वक़्त वहाँ जाने कहाँ से पहुच गयी, जिसमे शायद एश भी होगी मैने अंदाज़ा लगाया......
  4. बड़ी बुर की चुदाई...और जैसे की मुझे उम्मीद थी एश ने आगे कुच्छ नही कहा और अपने गाल,नाक गुस्से से फुलाकर जहाँ पहले खड़ी थी,वही खड़ी रही.... अब मतलब कैसे समझाऊ तुझे....मतलब जाए गान्ड मारने अभी तू चुप रह, हॉस्टिल जाकर गूगले महाराज से पुच्छ लेना...
  5. हॉस्टिल का सपोर्ट है ,इसलिए ज़्यादा उड़ी मे रहता है...लेकिन मैं इतने साल से इस कॉलेज मे पढ़ रहा हूँ और तुझ जैसे बहुत को आते-जाते देखा है.... क्या यहाँ के डॉक्टर्स इतने काबिल है जो इन्हे मेरा इलाज़ करते वक़्त मालूम नही चला कि मेरा आक्सिडेंट नही बल्कि जोरदार ठुकाई हुई है

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एक मिनिट...अभी दिखाता हूँ, बोलते हुए मैने अपना दस हज़ार का मोबाइल जेब से निकाला और चेयर पर तन्कर थोड़ा पीछे हो गया ,ताकि एश मेरी करामात ना जान पाए .इसके बाद मैने एश वाले मेस्सेज को 'अनरेड' कर दिया और पहले वाली पोज़िशन मे वापस आया...एश , ये देखो तुम्हारा मेस्सेज मैने अभी तक नही पढ़ा है...

मैं ये सोच ही रहा था की दीपिका मॅम मेरे और करीब आ गयी और अपने दोनो पैर को हल्का सा फैलाते हुए आँख मारकर मुझे इशारा किया कि मैं उनकी सफेद पैंटी उनकी सफेद चूत से वापस जोड़ दूं...मैने वैसा ही किया, जैसे-जैसे मैं दीपिका मॅम की पैंटी उपर चढ़ा रहा था,मेरे हाथ तेज़ी से काँपने लगे थे... सॉरी अरमान, मेरे मोम-डॅड ने मुझसे पुछा कि मैं माल क्या करने जा रही हूँ तो मैने ऐसे ही कह दिया मूवी देखने...और फिर वो भी मेरे साथ आ गये...

बड़ी बुर की चुदाई,पहली बात तो ये कि तू इसकी शिकायत चाहे होड़ से कर या फिर प्रिन्सिपल से...तू चाहे तो इसकी शिकायत अपने बाप से भी कर दे,मुझे कोई फ़र्क नही पड़ता और दूसरी बात ये हुह,पुह ,मुँह मेरे सामने मत कर...वरना यही एक मुक्का तेरे दूध मे दे मारूँगा...साली रंडी..

राप्पेल्लिंग करके जब हम लोग उपर से नीचे उतरे तो हमारे शर्ट के कॉलर अपने आप खड़े हो गये थे...सीना गर्व के कारण 3-4 इंच अपने आप चौड़ा हो गया था...

कुछ भी बोल अजय , लेकिन कॉलेज मस्त है, यहाँ की माल भी मस्त है...पीछे वाले बेंच पर अपने दोनो हाथ टिका कर अरुण बोला, इतने देर मे शायद वो मेरा नाम भूल गया था....सटका का मटका kalyan chart

सीडार भाई,मैं तो बोलता हूँ कि ,आप यहाँ से जाओ और इन दोनो को हमारे हवाले कर दो...सालो को सब सिखा देंगे...नौशाद ने कहा ,जिसके बाद उसके दोस्तो और रूम के बाहर खड़े हॉस्टिल के लड़को ने उसका समर्थन किया.... रामलाल जी, एक बात कहूँ.. आप बुरा मत मानियेगा.. वो नपुंसक है, तो उसमे उसका कोई अपराध नहीं। आप ठन्डे दिमाग से सोचिएगा कभी... उसने कभी भी किसी का भी नुकसान किया है? इस लड़की को भी उसी ने तो बचाया.. मेरी मानिए, जो हुआ उसको भूल जाइए, और उसको भी इज्ज़त से जीने का मौका दीजिए..

तब तक हम दोनो वहाँ बीच रास्ते से हटकर थोड़ा किनारे आ गये, क्लासस चल रही थी इसलिए कोई उधर आए ये मुश्किल ही था.....

याद है मैने एक बार कहा था कि सरकारी कॉलेज के टीचर्स को सर भले ना कहो...लेकिन पीयान को सर कहना ही पड़ता है...,बड़ी बुर की चुदाई अबे सौरभ...तुझे दिख रहा है क्या की इसमे कितने रुपये लिखे है...मुझे तो दिखना बंद हो गया,ऐसा लगता है...सौरभ के हाथ मे पर्ची थमा कर मैं बोलासाला ,कुच्छ दिख क्यूँ नही रहा...वापस कॅंप भी जाना है..

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